प्रस्ताविक(PREFACE ) :
सबसे पहले हम ये जाने की
कोरोना क्या है ? इस वाइरस की आज इतनी चर्चा क्यों है ? आज अपनी आंख खुलने से आंख बंद होने तक मौत का तांडव
क्यों सुन रहे है? आज अरबोपति से रोडपती में क्यों इतनी हलचल मची है? लॉकडाउन शब्द क्या है ? इसके लाभालाभ क्या है ? आइए इस तथ्य को समझने का प्रयास करे:
COViD -19 का आधिकारिक नाम CORONA VIRUS DISEASE -2019 है। COVID -19 के वाइरस
का नाम : severe acute respiratory syndrome coronavirus
2
(SARS-CoV-2)
डिसम्बर के आखरी हप्ते से
कोरोना की महामारी ने दुनिया पे अपना कब्ज़ा जमाना शिरू कर दिया है । चाइना के हुबई प्रान्त से शुरू हुए कोरोना वाइरस की सफर आज तक़रीबन
२०० देशो तक फैली है। WHO की गलती से आज सारी दुनिया प्रभावित हुई है।
दुनिया की महासत्ता अमरीका और लेटिन अमरीका के कई देश , यूरोप खंड की बड़ी इकॉनोमी वाले देश, एशिया के कई देश आज इस महामारी से जुज रहे है। आज अमरीका की हालत सबसे खराब है।
इटली ,फ्रांस , UK जैसे देश
इस महामारी से लड़ते लड़ते अपना दम तोड़ रहे है। जापान , दक्षिण कोरिया और खुद चाइना भी इस महामारी से बचा नही है। आज दुनियामे २० लाख लोग कोरोना से संक्रमित हुए है और १ लाख २७ हजार लोगो की मृत्यु हुई है। हमारे भारतकी कोरोना अपडेट की अगर बात करे तो अबतक ११५५५ कोरोना पॉजिटिव केस आये है और ३७७ लोगो की मौत हुई है। आज दुनिया
की डिक्शनरी में एक ही शब्द घूम रहा है "CORONA POSITIVE " यानी "मौत का तांडव ".
लॉकडाउन(LOCKDOWN ) :
इस शब्द का उपयोग पहले
कभीकबार ही होता था यानि की कही कोई जगह पर कुछ दंगा हुआ हो तो वह विस्तार को ही
बंद किया जाता था, उसके सिवा कही भी कोई पाबन्दी नहीं होती थी। आज के वक्त में इस शब्द का उपयोग कोरोना संक्रमण से बचने के लिए रामबाण इलाज के रूप
में किया जाता है। आज सारा विश्व covid -19 की दवाई
ढ़ंढने में पड़ा है पर लॉकडाउन के सिवा निराशा ही हाथ लगी है।
कोरोना वायरस के सन्दर्भ
में लॉकडाउन का सामान्य अर्थ अपने घरमे रहकर सरकार के
दिशा निर्देशो का पालन करना। अगर कोरोना वाइरस से बचाना है तो हमें भी बचके रहना
होगा। हमारा प्रशासन हमे जो
सूचनाए देता है उसका निर्विवाद रूप से पालन करना होगा। आज दुनिया के कई देश
लॉकडाउन की लक्ष्मण रेखा के भीतर राहत की साँस ले रहे है। आज दुनिया की १\३ जनसँख्या लॉकडाउन में है। जीवन आपूर्ति के सामान के सिवाय सभी गतिविधिया स्थगित हो गई है। बड़े बड़े उद्योग ,
यातायात , पर्यटन , शिक्षण संस्थाए , मनोरंजन
एवं कई प्रशाशनिक गतिविधिया स्थगित की गई है।
भारत में कोरोना का प्रथम
केस 30
January 2020 को केरल में आया था और 2 February तक 3 लोग संक्रमित हुए थे। यहाँ से शुरू हुई कोरोना की
सफर रफ्तार से चल रही थी पर हमारे प्रशासन के
त्वरित निर्णय से इस में कमी आई और आज देश अमरीका और इटली बनने से बच गया। हमारा देश भारत भी आज २२ दिनों से सम्पूर्णतः
लॉकडाउन है। कल हमारे
प्रधानमंत्री ने फिर से 3 मई तक 19 दिनों का
लॉकडाउन जारी किया है। आज भारत में सुरक्षा कर्मी , सफाई कर्मी, आरोग्य कर्मी और प्रशासन ही बाहर निकल सकते है।
लॉकडाउन के फायदे:
1.
इसकी वजह से कोरोना संक्रमण में कमी आयी है। लॉकडाउन में जीवन जरुरी
चीजों के सिवा सभी क्षेत्र बंद किए जा चुके है
जिससे सामाजिक दुरी बनी रहे
और संक्रमण न हो।
2.
अभी तक आदमी का जीवन घङी के कांटे पर चल रहा था मतलब सभी लोग बहुत
व्यस्त थे। आज देखो बस समय ही समय है।
3.
आज हर कोई घर पर अपने परिवार के साथ सुकून से रोटी खा रहा है।
4.
इस महामारी से सबको यह पता चला की जिंदगी केवल पैसो से ही नहीं चलती
और जीने के लिए पैसे ही सब कुछ नहीं। इसका ताजा उदाहरण इटली में कोरोना से त्रस्त
लोगोंने रास्ते पर पैसे फेंके थे।
5.
इस महामारी और लॉकडाउन की वजह से वातावरण
शुद्ध हुआ है। दुनियामे PM 10 और p. m. 2.5 का प्रमाण घटा है। आज गंगा , यमुना और दुनिया की कई नदिया मानव हस्तक्षेप के बिना शुध्द हो गई है
6.
परमाणु शस्त्र वाले देश पछता रहे है की उसने शस्त्रो की बजाय मेडिकल
इन्फ्रास्ट्रक्चर क्यों नहीं बनाया। आज के समय में बन्दुक की गोली के बजाय दवा की
गोली की आवशयक है। जो देश अपने आप को पैसो के जोर पर महासत्ता का दावा कर रहे थे
वो सिर्फ नाम के ही महासत्ता है ,
मरते हुए नागरिको को बचाने
में असमर्थ है।
7.
भारत में लोकडाउन से सामाजिक समानता के दर्शन हो रहे है। धनि लोग सरकार के फंड में दान कर रहे है। कई लोग भूखे गरीब लोगो को खाना दे रहे है।
8.
प्रशासन को लोकडाउन की वजह से वहीवट की आसानी हो रही है।
9.
डिजिटल पेमेंट, डिजिटल
शिक्षण में बढ़ोतरी।
10.
जीवन जरुरी चीजों को घरपे वितरण की व्यवस्था। अर्थात बाजार खुद चल कर
घर पे आया है।
लॉकडाउन के नुकशान :
1.
आर्थिक गतिविधिया
थप हो गई। देश की आवक में
गिरावट।
2.
गरीब , मजदुर लोगों , हर दिन कमाने और खाने वाले
की हालत बहुत ही ख़राब हो गई। जो लोग कमाने परदेश गए है वो अभी तक फँसे हुए है।
3.
मुद्रास्पीति (इन्फ्लेशन) में बढ़ोतरी हुई है।
4.
कृषक कर्जमे डूब गए , जो पहले अनाज उगाता था आज वह राशन की दुकान पर अनाज लेने कतार
पर खड़े होने पर मजबूर हुआ। ।
5.
आयात- निकास बंद होने से वस्तुए में अछत आई है।
6.
घरेलु अपराध में बढ़ोतरी हुई है।
समापन :
COVID -19 की यह महामारी ने इस धरा पर कई निति नियमों में
परिवर्तन किया है। इस महामारी से हुए लॉकडाउन से आने वाले समयमे इससे असरग्रस्त देशो का विकास 10 साल पीछे चला जाएगा। इस महामारी से आयातनिकास पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। अभी तो हमें सिर्फ यह
बात का ख़याल रखना है,
"अभी जो घर में रहेगा वे ही सुरक्षित रहेगा
कल न किसने देखा है जो देख पायेगा। "

अच्छा प्रयत्न है । लेकिन चूं कि गुजरातीभाषी हो, अतः वर्तनी और शब्द प्रयोग में क्षति अधिक देखने मिली । जब आप किसी पोस्ट को सार्वजनिक करते हैं तब ऐसी अशुद्धियां से यथासंभव बचने का पूरा मनोयोग रखें ।
ReplyDeleteपुनः अभिनन्दन । घर में रहें, सुरक्षित रहें ।
आपकी सुरक्षा में हमारी और समाज की सुरक्षा निहित है ।
Thank You 💐💐
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